Radha Bhag 2 (hindi) By samar ( राधा भाग २ हिंदी )
Radha Bhag 2 (hindi) By samar ( राधा भाग २ हिंदी )
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राधा के पहले भाग में राधा और श्रावणी के बीच हुए संवाद को पाठकों का अटूट प्रेम और हृदयस्पर्शी प्रतिसाद मिला। किंतु, कहानी यहीं समाप्त नहीं होती है। अपनी बातचीत के दौरान राधा ने मुख्य रूप से प्रेम के नौ आयामों पर बात की थी। श्रावणी ने उन पर विचार तो किया, पर क्या वह सचमुच अपने जीवन में इस दर्शन को समाहित कर पाई? इस प्रश्न ने न केवल पाठकों को उत्सुक रखा, बल्कि मैं भी कहानी को महज़ “और वे ख़ुशी-ख़ुशी रहने लगे" जैसे सरल निष्कर्ष के साथ ख़त्म नहीं कर सका, क्योंकि जीवन कभी सरल नहीं होता; बल्कि वह तो आनंद और दुख, बाधाओं, अटल सत्यों और विवशता के पलों से गुजरकर ही पूर्णता प्राप्त करता है। कृष्ण और राधा का प्रेम सारी सीमाओं से परे था, किंतु उन्हें भी विरह सहना पड़ा। यदि राधा जैसी दिव्य शक्ति को भी दुख के स्पर्श ने नहीं बख्शा, तो श्रावणी जैसी एक साधारण युवती चिंता और पीड़ा से हमेशा के लिए मुक्त कैसे रह सकती थी? श्रावणी की इस यात्रा का यह दूसरा और अंतिम भाग, उसके संघर्षों और विजयों, उतार-चढ़ावों को पाठकों के सामने प्रस्तुत करता है।
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