Jugnu ( जुगनू ) - Hindi By Popat Kale
Jugnu ( जुगनू ) - Hindi By Popat Kale
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1965 में गन्ना कटाई मजदूर परिवार में पोपट श्रीराम काळे जी का जन्म हुआ। प्रतिकूल परिस्थिति में ही अपनी शिक्षा-दीक्षा पूरी कर विज्ञान तथा शिक्षण शास्त्र की उपाधियाँ प्राप्त की। आरंभ में उन्होंने अर्थाजन के लिए शिक्षक की नौकरी सेवाभाव से ही की। स्पर्धा परीक्षा की इच्छा शुरू से ही मन में थी। कुशाग्र तथा सूक्ष्म बुद्धि के बल पर पहले प्रयास में ही वे लोक सेवा आयोग के माध्यम से उपशिक्षाधिकारी पद तक पहुंचे। विविध जिलों के शिक्षा विभाग में अनेक पदों पर सेवा करते हुए अपना कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया। सेवा काल में उनकी विशेषता यह रही, वे किसी भी हाल में निष्कलंक रहकर ईमानदारी तथा सामाजिक सेवा सद्भावना के साथ करते हुए समाज के वंचित बच्चों को शिक्षा के प्रवाह में लाने का सफल प्रयास किया। इन दिनों उन्हें शिक्षा व्यवस्था के साथ संघर्ष करना पड़ा।
शिक्षक से लेकर शिक्षाधिकारी पद तक कार्य करते हुए उन्होंने छात्रों के लिए विविध उपक्रम तथा योजनाएँ बनाई और उसमें सफल भी रहे।
बचपन से शालाबाह्य विद्यार्थि से शिक्षाधिकारी पद से अवकाश प्राप्त करते समय तक उन्हें विविध प्रश्नों में उलझना पड़ा। इन्हे सुलझाते हुए शिक्षक से शिक्षाधिकारी तक की यात्रा में वे सफल रहे। अवकाश प्राप्ति तक आते-आते अनेक जीवनानुभवों का सिंहावलोकन करते हुए इसे आत्मकथा के रूप में शब्दबद्ध करने का उनका प्रयास सराहनीय रहा है। मराठी से कक्षडा, अंग्रेजी आदि भाषाओं में अनूदित आत्मकथा 'जुमनू' नाम से पाठकों के लिए हिंदी में प्रस्तुत की हैं। समाज में बहुचर्चित ऐसे अनेक सामाजिक, शैक्षिक तथा पारिवारिक प्रश्नों को सुलझाने के लिए यह आत्मक्रया पाठकों को मिचित ही बल देगी।
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