Jeevan Ke Arth Ki Talaash Me Manusya By Viktor E. Frankl (जीवन के अर्थ की तलाश में मनुष्य – व्हिक्टर ई. फ्रँकल)
Jeevan Ke Arth Ki Talaash Me Manusya By Viktor E. Frankl (जीवन के अर्थ की तलाश में मनुष्य – व्हिक्टर ई. फ्रँकल)
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‘यदि आप इस वर्ष केवल एक ही पुस्तक पढ़ना चाहते हों, तो निश्चित तौर पर वह पुस्तक डॉक्टर फ्रैंकल की ही होनी चाहिए। – लॉस एंजेल्स टाइम्स मैंस सर्च फॉर मीनिंग, होलोकास्ट से निकली एक अद्भुत व उल्लेखनीय क्लासिक पुस्तक है। यह विक्टर ई.फ्रैंकल के उस संघर्ष को दर्शाती है, जो उन्होंने ऑश्विज़ तथा अन्य नाज़ी शिविरों में जीवित रहने के लिए किया। आज आशा को दी गई यह उल्लेखनीय श्रद्धांजलि हमें हमारे जीवन का महान अर्थ व उद्देश्य पाने के लिए एक मार्ग प्रदान करती है। विक्टर ई.फ्रैंकल बीसवीं सदी के नैतिक नायकों में से है। मानवीय सोच, गरिमा तथा अर्थ की तलाश से जुड़े उनके निरिक्षण गहन रूप से मानवता से परिपूर्ण है और उनमें जीवन को रूपांतरित करने की अद्भुत क्षमता है। – प्रमुख रब्बी, डॉक्टर जोनाथन सेक ‘विक्टर ई.फ्रैंकल घोषणा करते है – बुराई व ग्लानि अंततः हमें अपने वश में नहीं कर सकते … हम सबके भीतर बसनेवाले फ़ीनिक्स की स्तुति, जो उड़ान से पहले अपने लिए जीवन का चुनाव करता है।’ – ब्रायन कीनन, एन ईवल क्रेडलिंग के लेखक ‘उत्तरजीविता साहित्य का एक स्थायी लेखन।’ – न्यूयॉर्क टाइम्स
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