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Mahatvakanksha Ka Jaal By Amina AlTai (महत्वाकांक्षा का जाल -अमीना अलताई )

Mahatvakanksha Ka Jaal By Amina AlTai (महत्वाकांक्षा का जाल -अमीना अलताई )

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आप सचमुच जो चाहते हैं, उसे पाने की एंटी—हसल गाइड
हममें से बहुत से लोग मानते हैं कि महत्वाकांक्षा का मतलब है हर वह चीज़ करना जो हमारे वश में है ताकि हम अपनी इच्छाएँ पूरी कर सकें। शुरुआत में यह कारगर लगता है लेकिन जल्द ही हम थका हुआ और अपनी रुचियों व सबसे ज़रूरी रिश्तों—नातों से कटा हुआ महसूस करने लगते हैं। और जो लोग ऐतिहासिक रूप से हाशिये पर रहे हैं, उनकी सफलता की राह में आने वाली बाधाएँ और भी बड़ी होती हैं, जो उन्हें कहीं ज़्यादा गहरे शारीरिक व भावनात्मक संकटों की ओर धकेल देती हैं। तो क्या हमारे पास बस दो ही विकल्प हैं — या तो खुद को पूरी तरह झोंक देना, या फिर महत्वाकांक्षा से ही मुँह मोड़ लेना?
अमीना अलताई का जवाब है — ‘कतई नहीं’। महत्वाकांक्षा का जाल (द एम्बिशन ट्रैप) में अपने अनुभवों के आधार पर — फॉर्च्यून 500 लीडर्स को कोच करने से लेकर स्टार्ट—अप संस्थापकों के साथ काम करने, ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट और पूर्व गर्लबॉस के साथ सीखने तक — वे सफलता का एक नया खाका प्रस्तुत करती हैं। ऐसा खाका जिसमें आपको खुद को साधन की तरह इस्तेमाल करने या दूसरों को पीछे छोड़ने की ज़रूरत नहीं है। असली कुंजी यह है कि आप अपनी महत्वाकांक्षा को कमी और कष्ट की जगह उद्देश्य और अपनत्व के आधार पर पोषित करें।
सांस्कृतिक आलोचना को मनोविज्ञान और माइंडफुलनेस की ताज़ा सोच के साथ जोड़ते हुए, अलताई यह देखने और समझने में आपकी मदद करती हैं कि आखिर कौन—सी ताकतें आपको महत्वाकांक्षा की दौड़ में फँसाए रखती हैं — चाहे वह बचपन की कोई भावनात्मक चोट हो, समाज की यह धारणा हो कि कौन महत्वाकांक्षी हो सकता है और कौन नहीं, या फिर ऐसी संरचनाएँ और नियम जो आपको आपकी नौकरी से बाँधे रखते हैं और आपको अपनी पहचान उसी में ढूॅंढने के लिए उत्साहित करते हैंं। इसके बाद अल्ताई आपको ठोस रणनीतियाँ देती हैं — जैसे बाधाओं से पार पाना, अपनी सबसे बड़ी प्रेरणाओं और उपहारों को पहचानना, और अपने काम को जीवन की प्राकृतिक लय के साथ जोड़ना, जिसमें विकास, विश्राम और बहाली शामिल हैं। अंततः महत्वाकांक्षा का जाल (द एम्बिशन ट्रैप) यह साबित करती है, कि ‘महत्वाकांक्षा’ कोई गंदा शब्द नहीं, बल्कि एक गहन अर्थ और आनंद से भरे जीवन का निमंत्रण है।
”महत्वाकांक्षा का जाल किताब हर उस व्यक्ति की सोच बदल सकती है, जो कभी इच्छा और आत्म—संदेह के बीच फँसा रहा हो। यह हमें साहसपूर्वक अपने उपहारों को अपनाने और बिना झिझक के आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय के साथ जीने के लिए प्रेरित करती है।“

Pages 216

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